श्री जोरावर धाम में निःशुल्क प्रवेश एवं दर्शन व्यवस्था— सभी श्रद्धालुओं को सूचित किया जाता है कि श्री जोरावर धाम में प्रवेश, दर्शन एवं चरणामृत पूर्णतः निःशुल्क है। किसी भी मध्यस्थ या व्यक्ति को कोई शुल्क न दें।

आस्था • शक्ति • शांति की पावन तपोभूमि
राजस्थान के धौलपुर जिले में पावन ग्राम चितौरा (तहसील सैंपऊ) में स्थित भगवान जोरावर धाम — जहाँ आध्यात्मिक ऊर्जा, प्राकृतिक सौंदर्य और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का संगम है।
दिव्य दर्शन समय
मंगला दर्शन
ब्रह्ममुहूर्त पावन मंगला दर्शन
प्रातः दर्शन
प्रातः कालीन नियमित दर्शन व बालभोग
भोग दर्शन
दोपहर पावन राजभोग दर्शन
ग्वाल दर्शन
अपराह्न कालीन ग्वाल दर्शन
महाआरती दर्शन
सायं कालीन भव्य दीप महाआरती
रात्रि दर्शन
रात्रि शयन पूर्व अंतिम दर्शन
तीर्थयात्री त्वरित सेवाएं
दर्शन, पूजा, आवास एवं दान हेतु त्वरित सुविधाएं
दर्शन व्यवस्था
नित्य प्रातः एवं सायं कालीन दर्शन समय एवं नियमों की जानकारी
पूजा एवं सेवा
अखंड धूणा, विशेष अनुष्ठान एवं भोग अर्पण सेवा विवरण
यात्री सूचना व आवास
धर्मशाला आवास, सुगम रेल/सड़क मार्ग एवं भोजन व्यवस्था
दान एवं 80G छूट
अन्नक्षेत्र, गोसेवा एवं धर्मार्थ ट्रस्ट के आधिकारिक बैंक खाते
उत्सव व मेले
वार्षिक पाटोत्सव, पूर्णिमा मेला एवं आगामी धार्मिक आयोजन
चित्र दीर्घा
धाम के भव्य स्वरूप, गर्भगृह व पावन आयोजनों की अलौकिक छवियां

भगवान जोरावर धाम — आस्था, शक्ति और शांति का पावन तीर्थ
भगवान जोरावर धाम आस्था, शक्ति और शांति का एक ऐसा पवित्र केंद्र है जहाँ भगवान जोरावर के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था जुड़ी है। राजस्थान के ऐतिहासिक धौलपुर जिले के अंतर्गत चितौरा गांव में स्थित यह पावन धाम आध्यात्मिक ऊर्जा और प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण है।
करीब 130 वर्ष पूर्व अवतरित भगवान जोरावर जी ने गृहस्थ जीवन में रहते हुए भी त्याग, कठोर साधना और जन-कल्याण का अनुपम आदर्श स्थापित किया। धाम का संचालन 'सिद्ध श्री जोरावर धाम सेवा समिति' (पंजी. COOP/2023/DHOLPUR/201054) द्वारा पूर्ण निष्ठा व पारदर्शी सेवा भाव से किया जाता है।
धाम के मुख्य आकर्षण
भव्य मंदिर परिसर, सुरम्य प्राकृतिक वातावरण, नित्य पावन अनुष्ठान एवं वार्षिक तीज मेला
मंदिर परिसर
प्रस्तावित भव्य मंदिर परिसर पारंपरिक भारतीय स्थापत्य कला एवं सुदृढ़ पाषाण शिल्प का अद्भुत संगम होगा, जहाँ भगवान जोरावर जी की दिव्य एवं तेजपुंज प्रतिमा गर्भगृह में प्रतिष्ठापित की जाएगी।
प्राकृतिक वातावरण
खेत-खलिहानों, घने वृक्षों, हरी-भरी वनस्पति और पक्षियों के मधुर कलरव से आच्छादित यह धाम प्राकृतिक शांति और आत्मिक विश्राम का अनुपम केंद्र है।
विशेष पूजा और उत्सव
धाम में नित्य भक्ति-भजन, अखंड हवन, विशेष अनुष्ठान एवं मासिक धार्मिक आयोजनों की अखंड श्रृंखला अनवरत संचालित होती है।
वार्षिक तीज मेला
प्रतिवर्ष होली के पश्चात तीज पर आयोजित होने वाला विशाल मेला, जिसमें भव्य भजन-संगीत, सत्संग, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं दूर-दूर से पधारे लाखों श्रद्धालुओं का महासमागम होता है।
भगवान जोरावर जी महाराज का पावन जीवन एवं महासमाधि
चितौरा की पवित्र धरा पर करीब 130 वर्ष पूर्व अवतरित भगवान जोरावर जी ने जन-कल्याण और लोक-कल्याण हेतु अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया। अपने लौकिक दायित्वों को पूर्ण कर महाराज श्री ने 24 मार्च 1962 को दोपहर ठीक 12:00 बजे सप्तदीप के साक्षी में महासमाधि ली।
आज भी धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को अलौकिक मानसिक शांति और कष्ट-निवारण की अनुभूति होती है। प्रतिवर्ष होली के पश्चात तृतीया (तीज) को धाम में विशाल मेला आयोजित होता है।
धाम में संचालित प्रमुख सेवा प्रकल्प
श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु नित्य पूजा, अनुष्ठान एवं अन्नदान सेवा
मंगला आरती
Mangala Aarti
प्रातःकाल भगवान का प्रथम दर्शन एवं जागरण आरती। वातावरण में दिव्य शांति और मंत्रोच्चार का अनुभव।
श्रृंगार आरती
Shringar Aarti
प्रभु का दिव्य पुष्पों और आभूषणों से मनोहारी श्रृंगार दर्शन।
राजभोग आरती एवं दोपहर दर्शन
Rajbhog Aarti & Afternoon Darshan
भगवान को दिव्य नैवेद्य एवं छप्पन भोग समर्पण। इसके पश्चात दोपहर में कपाट विश्राम हेतु बंद होते हैं।
आपकी यात्रा, आपकी श्रद्धा, आपका अनुभव
दर्शन एवं विशेष सेवा हेतु अपनी यात्रा की अग्रिम योजना बनाएं। समस्त दर्शन पूर्णतः निःशुल्क हैं।
धाम में वर्षभर श्रद्धापूर्वक मनाए जाने वाले महापर्व
धाम में आगामी धार्मिक अनुष्ठान, मेले एवं पाटोत्सव
वार्षिक नवरात्र महापर्व एवं शतचंडी महायज्ञ
नौ दिवसीय भव्य उत्सव जिसमें शतचंडी महायज्ञ, अखंड संकीर्तन एवं राजस्थान के विख्यात कलाकारों द्वारा भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा।
धाम के दिव्य स्वरूप एवं मनोरम दर्शन
धाम की पवित्र वास्तुकला, गर्भगृह दर्शन एवं पावन धार्मिक आयोजनों की झलकियां
अन्नदान एवं गोसेवा में भागीदार बनें
श्री जोरावर धाम में संचालित नित्य अन्नक्षेत्र, कामधेनु गोशाला एवं निःशुल्क चिकित्सा प्रकल्पों हेतु आपका स्वैच्छिक सहयोग सादर प्रार्थनीय है। सभी दान आधिकारिक ट्रस्ट बैंक खातों (SBI / PNB) में ही स्वीकार किए जाते हैं।
धाम आगमन एवं प्रमुख शहरों से दूरियां
धौलपुर, खरोगढ़, आगरा, ग्वालियर एवं भरतपुर से सुगम सड़क व रेल संपर्क।
समीपवर्ती प्रमुख केंद्र
धौलपुर (25 कि.मी.), खरोगढ़ (17 कि.मी.), आगरा (60 कि.मी.), ग्वालियर (90 कि.मी.), भरतपुर (75 कि.मी.) एवं करौली (105 कि.मी.)।
दर्शन व विश्राम व्यवस्था
भक्तों के लिए दर्शन कक्ष, विश्राम स्थल, ध्यान-साधना कक्ष और सुव्यवस्थित स्वच्छता व्यवस्था।
श्रद्धालु मार्गदर्शन
ग्राम चितौरा (सैंपऊ, धौलपुर) स्थित धाम तक पहुंचने हेतु समिति द्वारा सतत मार्गदर्शन उपलब्ध।
सिद्ध श्री जोरावर धाम सेवा समिति
तीर्थ यात्रा, दर्शन व्यवस्था, पूजा अथवा मंदिर निर्माण में सहयोग हेतु समिति के आधिकारिक दूरभाष व पते पर संपर्क करें।
