ॐ जोरावर परमात्मने नमः
दैनिक महाआरती परंपरा

श्री जोरावर धाम की पंच-आरती सारिणी

दिन के पांचों प्रहरों में होने वाली मंगल आरती का समय, आध्यात्मिक महात्म्य एवं दर्शनार्थियों के लिए नियम।

मंगला आरती

प्रातः काल

ब्रह्म मुहूर्त में भगवान के प्रथम दर्शन। सुगंधित धूप, शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान को जगाने का मंगल अनुष्ठान।

समय05:15 AM

श्रृंगार आरती

प्रातः काल

दिव्य विग्रह के दिव्य स्नान (अभिषेक), नूतन वस्त्र, चंदन, पुष्पमाला और आभूषणों से अलंकृत करने के उपरांत होने वाली भव्य आरती।

समय07:30 AM

राजभोग आरती

मध्याह्न काल

दोपहर के समय भगवान को छप्पन भोग एवं पवित्र सात्विक नैवेद्य अर्पित करने के पश्चात की जाने वाली मुख्य मध्याह्न आरती।

समय12:00 PM

संध्या महाआरती

सायं काल (महापर्व)

सूर्यास्त के समय नगाड़ों, घंटियों एवं विशाल पंच-प्रदीपक दीपों के साथ आयोजित होने वाली धाम की सर्वाधिक भव्य आरती।

समय07:00 PM

शयन आरती

रात्रि काल

रात्रि के समय भगवान को विश्राम अर्पित करने हेतु मधुर भजनों के साथ अंतिम आरती। इसके उपरांत गर्भगृह के कपाट बंद होते हैं।

समय09:30 PM
आरती दर्शनार्थियों के लिए महत्वपूर्ण नियम
  • आरती आरंभ होने से कम से कम 15 मिनट पूर्व गर्भगृह प्रांगण में स्थान ग्रहण करें।
  • आरती के पावन क्षणों में वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी पूर्णतः प्रतिबंधित है।
  • आरती उपरांत चरणामृत एवं प्रसाद शांतिपूर्वक कतारबद्ध होकर प्राप्त करें।
  • वृद्धजनों एवं नन्हे बच्चों के लिए प्रथम पंक्ति में विशेष स्थान आरक्षित रहता है।