ॐ जोरावर परमात्मने नमः
तीर्थ दर्शन व विशेषताएं

मुख्य आकर्षण

सिद्ध श्री जोरावर धाम तीर्थ के चार प्रमुख आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक आकर्षण जो जन-जन को आकर्षित करते हैं।

मंदिर परिसर

सिद्ध श्री जोरावर धाम का प्रस्तावित भव्य मंदिर परिसर पारंपरिक राजस्थानी व भारतीय स्थापत्य कला का अनुपम उदाहरण होगा। गर्भगृह में परम पूज्य भगवान जोरावर जी महाराज की दिव्य व अलौकिक तेजपुंज प्रतिमा प्रतिष्ठापित होगी। परिसर में भक्तों के लिए शांत ध्यान कक्ष, विशाल परिक्रमा पथ एवं आधुनिक दर्शन सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

सुदृढ़ एवं सुरक्षित संरचना

प्राकृतिक वातावरण

शहरी कोलाहल से दूर, ग्राम चितौरा में स्थित यह धाम चारों ओर लहलहाते खेत-खलिहानों, घने छायादार पेड़-पौधों एवं पवित्र वृक्षों से घिरा हुआ है। प्रातःकाल एवं संध्या के समय पक्षियों का कलरव और शीतल पावन समीर यहाँ आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु के हृदय को अद्भुत आत्मिक शांति और ताजगी प्रदान करती है।

प्रदूषण मुक्त पावन तपोभूमि

विशेष पूजा और उत्सव

धाम में नित्य नियम से प्रातः एवं सायं कालीन दिव्य महाआरती, भक्ति-भजन एवं अखंड हवन का आयोजन होता है। प्रत्येक माह की विशेष मासिक तिथियों पर श्रद्धालु विशेष पूजा-अर्चना हेतु पधारते हैं। प्रतिवर्ष होली के पश्चात तृतीया को विशेष धार्मिक अनुष्ठान और मंगल महाआरती की जाती है।

अखंड धूणा एवं दैनिक हवन

वार्षिक तीज मेला

प्रतिवर्ष रंगों के उत्सव होली के पश्चात 'तीज' पर धाम में विशाल मेले का आयोजन होता है। इस अवसर पर भव्य सत्संग, भक्ति भजन-संगीत एवं पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जिसमें राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से लाखों श्रद्धालु दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने पहुँचते हैं।

होली पश्चात तीज का महापर्व

धाम पधारकर इन दिव्य अनुभूतियों का लाभ लें

धाम में सभी श्रद्धालुओं के लिए दर्शन पूर्णतः निःशुल्क हैं। आवास एवं भोजन की उत्तम व्यवस्था उपलब्ध है।